WHAT IS CACHE MEMORY (कैश मेमोरी क्या होती है और इसका क्या काम होता है)



कंप्यूटर या लैपटॉप या एंड्राइड में कैश मेमोरी क्या है , इसका क्या काम होता है और ये कंप्यूटर में कहा यूज की जाती है तो आज हम लोग कैश मेमोरी की चर्चा करेंगे , नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अजीत तिवारी है और टेक्निकल दादी में आप सभी का स्वागत है चलिए फिर जान लेते है कैश मोरी क्या होती है |
WHAT IS CACHE MEMORY (कैश मेमोरी क्या होती है और इसका क्या काम होता है)
WHAT IS CACHE MEMORY (कैश मेमोरी क्या होती है और इसका क्या काम होता है)

दोस्तों वैसे मेमोरी तीन टाइप की होती है एक तो वह जो आपकी हार्ड डिस्क होती है जिसे परमानेंट स्टोरेज कहा जाता है और दूसरी वह जिसे हम लोग रैम बोलते है या टेम्पररी मेमोरी बोलते है और तीसरी मेमोरी को हम लोग कैश मेमोरी बोलते है, कैश मेमोरी कंप्यूटर में सबसे फ़ास्ट काम करती है और ये कंप्यूटर में कैपेसिटी में सबसे कम होती है, कैश मेमोरी तीन लेवल में होती है L1, L2, L3, आपका जो प्रोसेसर होगा वोह डूएल कोर होगा, कोर 2 ड्यू होगा, क्वैड कोर होगा या ओक्टा कोर बगैरा बगैरा तो देखिये हर एक कोर की दो जो मेमोरी होती है वो सेपरेट होती है L1 और L2 लेकिन L3 जो कैश होती है वो ज्यादातर सभी मेमोरी के बीच में शेयर्स होती है | L1 जो होती है वो सबसे तेज होती है और ये प्रोसेसर के अन्दर ही लगी होती है , L2 मेमोरी जो होती है वो प्रोसेसर के अन्दर भी लगी हो सकती है या फिर प्रोसेसर के नजदीक दूसरी सेपरेट आई-सी पर भी हो सकती है लेकिन प्रोसेसर और उस आई-सी के बीच में एक हाई स्पीड बस होगी जिससे डायरेक्टली प्रोसेसर उसे काफी तेजी से एक्सेस कर पायेगा और L3 कैश मेमोरी एक सेपरेट मेमोरी होती है जो कि रैम से करीब करीब डबल स्पीड की होती है और ये मेमोरी सभी cores के बीच में शेयर होती है तो अब आप कैश के टाइप तो समझ गए है लेकिन अब हम ये जानते है कि कैश काम में क्यूँ आती है मैं आपको एक रियल लाइफ एक्साम्प्ल समझाता हू |

मान लीजये आप एक ऑफिस में एक टेबल पर काम कर रहे है और जो आपके पीछे बैक ऑफिस है वहां पर सारी की सारी फाइल्स रखी है तो वोह तो हो गयी आपकी हार्ड ड्राइव की तरह जहा पर सारी फाइल्स स्टोर है और आपकी टेबल पर जो फाइल्स रखी है वो एक रैम की तरह काम करेंगी और उस टेबल के अन्दर जो बॉक्स बने है जिनसे आप रोजमर्रा की चीजे जैसे कि स्टेपलर, पेन, स्केल, फैविकोल या और भी बहुत ऐसी चीजे जिसे आप बीच बीच में तुरंत यूज करते हो तो ये सब चीजे आपकी कैश मेमोरी की तरह ही काम करती है | इसी तरह से आपका जो कंप्यूटर होता है उसका जो cpu है उसे बहुत सारे इंस्ट्रक्शन का काम करना पड़ता है बहुत सारे डाटा को रीड और राईट करना पड़ता है तो कैश मेमोरी जोकि फ्रीक्वेंट यूज जिनकी उसे बार बार जरुरत पड़ती है वैसे डाटा को अपने पास स्टोर रखता है अब कंप्यूटर जो जब इन सब चीजो का यूज करना होगा तो वोह पहले रैम तक न जाकर कैश मेमोरी तक सर्च करेगा अगर उसे कैश में मिल जाता है तो वो बहुत ज्यादा फ़ास्ट तरीके से उसे प्रोसेस कर देगा और उसे हमारे सामने एक्सीक्यूट कर देगा | ज्यादातर जो प्रोसेसर आपको देखने को मिलते है जैसे i3, i5, i7 या inten zion हो इन सबमे आपको 2 mb, 4 mb, 6 mb, 8 mb या 12 mb कैश मेमोरी देखने को मिलती है , अब आप सोचे रहे होंगे की इतनी छोटी मेमोरी क्या डाटा स्टोर होता होगा लेकिन ये कैश मेमोरी के लिए बहुत है क्यूँ कि ये उन सभी छोटी छोटी कमांड को स्टोर रख सकती जिनकी इसे बहुत ज्यादा जरुरत होती है| 

अब एंड्राइड फ़ोन में या आई –फ़ोन में जो कैश मेमोरी होती है वो क्या है ये कैश वो नहीं होती है जो आपके कंप्यूटर में या लैपटॉप में होती है, ये वोह चीज की जब आप अपने मोबाइल गूगल सर्च इंजन या प्ले स्टोर में कुछ सर्च कर रहे होते है तो जो भी आप काम करते है या जो भी आप सर्च इंजन में टाइप करते है मोबाइल का सॉफ्टवेयर उसकी एक टेम्पररी फाइल बनाकर उसे एक कैश मेमोरी के रूप में स्टोर कर देता है अब जैसे ही आप अगली बार उसी काम को दोबारा से सर्च करते गूगल पर जाकर तो गूगल उसे तुरंत एक्सेस करके आपको रिजल्ट दे देता है | तो ऐसी कई एप्लीकेशन आती है जो आपके दिए गए इंस्ट्रक्शन को अपने अन्दर स्टोर करके रख सकती है और इसे एक कैश मेमोरी के रूप में स्टोर कर सकती है लेकिन कभी कभी ऐसा भी होता है कि जब यह कैश मेमोरी या टेम्पररी फाइल्स ज्यादा हो जाती है तो आपका फ़ोन हैंग होने लगता है तब इस कैश फोल्डर को वह से डिलीट करना पड़ता है जिससे आपके सारे इंस्ट्रक्शन एक बार में क्लियर हो जाते है |
तो दोस्तों आशा करता हु कि आपको मेरी यह इनफार्मेशन पसंद आई होगी अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट करके जरुर बताइयेगा और शेयर, लाइक करना बिलकुल भी ना भूलियेगा | मिलते है एक नयी टॉपिक के साथ तब तक के लिए जय हिन्द वन्दे मातरम् |     
       
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