computer booting process



नमस्कार दोस्तों, क्या आप जानते है बूटिंग प्रोसेस क्या होती होती है , कैसे होती है और क्यूँ होती है | अगर आप नहीं जानते है तो आज इसे जान लीजये और अगर आपको मेरी पोस्ट अच्छी लगे तो प्लीज अपने दोस्तों से भी इसे शेयर कीजयेगा|

तो चलिए शरू करते है |
computer booting process
computer booting process
दोस्तों बूटिंग प्रोसेस के अन्दर काफी छोटी छोटी ऐसी प्रोसेस होती है जिन्हें COLLECTIVELY या ENTIRELY प्रोसेस कहा जाता है, मतलब ये की जब आप अपना कंप्यूटर ओपन करते है और जब तक आपका कंप्यूटर अपनी स्क्रीन या डेस्कटॉप तक नहीं आ जाता है तो उसके बीच तक जो प्रोसेस होती है
उसे बूटिंग प्रोसेस कहते है | BOOTING प्रोसेस में जो सबसे पहली प्रोसेस होती है उसे हम POST (POWER ON SELF TEST) कहते है |
इस प्रोसेस में क्या होता है कि जैसे ही आप कंप्यूटर ऑन करते है तो कंप्यूटर खुद ही अपने साथ लगे हुए जितने भी डिवाइस लगे हुए होते है चाहे वो INTERNALLY या EXTERNALLY हो , उन सबको ये चेक करेगा की सारे डिवाइस सही तरीके से वर्किंग कर रहे है या नहीं | अगर एक भी डिवाइस इनमे से वर्क नहीं करेगा तो स्टार्ट में ही ये आपको एरर शो कर देगा | ये प्रोसेस भी माइक्रो प्रोसेसर रैम और मदर बोर्ड के अन्दर जो बायोस लगा होता है उसकी collectively फंक्शन्स से जो प्रोसेस होती है अर्थात जब तक ये तीनो आपस में एक दुसरे से फंक्शन नहीं करेंगे तब तक पोस्ट नहीं होगी और न ही आपका कंप्यूटर बूट होगा जिसके कारण नो डिस्प्ले की प्रॉब्लम आती है|
दोस्तों कई बार आपने देखा होगा की आपका कंप्यूटर पॉवर ऑन होते थोड़ी देर में कुछ सेकंड्स बाद आपका माउस, कीबोर्ड की लाइट ऑन होकर ऑफ हो जाती है तो ये प्रोसेस पोस्ट के अंतर्गत ही होती है जिसमे इसके सारे डिवाइस चेक किये जाते है | जब ये सक्सेस हो जाती है तो उसके बाद बायोस एक पर्टिकुलर एक बूटिंग फाइल सर्च करता है यानी कि कंप्यूटर की रैम में वो पर्टिकुलर ऑपरेटिंग सिस्टम  को लोड कर सके|
इसके बाद आपने जो PRIORITY सेलेक्ट कर रखी है जेसे कि हार्ड डिस्क , CD /DVD रोम या पेन ड्राइव, वैसे तो कंपनी से ही ऑटो बायोस सेलेक्ट होता है लेकिन आप भी इसे मैन्युअली प्रायोरिटी दे सकते है |उदहारण के लिए मान लो कि हमने हार्ड डिस्क बायोस में सेलेक्ट कर रखी जिसमे हमारा ऑपरेटिंग सिस्टम लोड है| तो जो बायोस है वो सबसे पहले हार्ड डिस्क में उन तीनो बूटिंग फाइल्स को सर्च करेगा |हम अगर विंडोज की बात करे तो तीन तरह की बूटिंग फाइल्स होती है 
1- COMMAND.COM
2- MS-DOS.SYS
3- IO.SYS (इनपुट –आउटपुट) 
ये तीन फाइल्स है जो ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड या रन करती करती है और इन सब प्रोसेस के बाद हमे डेस्कटॉप की स्क्रीन सामने आकर शो होती है |ये तो हो गयी बात तब जब हमारा ऑपरेटिंग सिस्टम पहले से ही हार्ड डिस्क में लोड है |अब अगर बिलकुल फ्रेश कंप्यूटर लाते है तब क्या होता है हमे बिलकुल फ्रेश विंडो लोड करनी होती है तो उसके लिए हम लोग या तो BOOTABLE CD/DVD या पेन ड्राइव बनाकर ऑपरेटिंग सिस्टम इनस्टॉल करते है |इसमें भी बायोस यही तरीके से बूटिंग फाइल्स को सर्च करेगा और जब उसे तीनो बूट फाइल्स  मिल जाएगी वो उसे आगे प्रोसीड करके इनस्टॉल कर देगा | कभी 2 ऐसा होता है की हमारी विंडो currupt  होती है तो भी यही प्रोसेस कराकर उसे रन किया जाता है | तो ये पूरी प्रोसेस है जिसे हम बूटिंग प्रोसेस कहते है |
दोस्तों मेरा इस पोस्ट में यही बताने का intension  था की जब भी आप अपना कंप्यूटर ऑन करते है तो आपको पता नहीं होता है कि डेस्कटॉप तक आने तक में बिच में क्या प्रोसेस होता है | तो अब आप जान गए होंगे |अगर आपको मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजयेगा और सब्सक्राइब कीजयेगा | मिलते है एक नए टॉपिक के साथ अगली पोस्ट में , तब तक लिए
जय हिन्द जय भारत |




Previous
Next Post »